सोमवार, 25 जनवरी 2010

मीडिया में रण

बहुत शोर सुनते थे पहलु में दिल का /जो चीरा तो एक कतरा खून न निकला .........मीडिया में मीडिया के लिए मीडिया द्वारा मचे 'रण' का फलसफा भी कुछ ऐसा ही है । नही जानती कि फिल्म रण में क्या होगा ,पटकथा कितनी मजबूत होगी, क्लाइमैक्स कितना बेहतरीन लेकिन बेशक फिल्म को अच्छे खासे दर्शक मिल जायेंगे । आम दर्शक रूचि लें या न ले मीडिया वालें सारे लोग तो जरुर देखने जायेंगे । कोई हर्षवर्धन मालिक (अमिताभ बच्चन )से खुद को जोड़कर देखेगा तो कोई पूरब शास्त्री(रितेश देशमुख) में अपना अक्स पायेगा। और फिर वो मासूम दिल भी तो इस फिल्म के दर्शक होंगे जो मीडिया में आने का सपना पाले कभी इंडियन एक्सप्रेस के पन्ने पलटते है तो कभी विनोद दुआ और बरखा दत्त के प्रोग्राम टी वी पर एक ताकि लगाकर देखते है । रण में तो उनके सामान्य ज्ञान के लिए काफी मसाला है । मीडिया के अन्दर होने वाले रण तो फिल्म २६जनवरी को रिलीज़ हो जाएगी लेकिन एक रण और भी है मीडिया में आने के लिए लड़ा जाने वाला रण जिस पर फिल्म बेशक कोई न बनाये लेकिन निसंदेह ये चर्चा का विषय तो जरूर है ..चाहे वो चर्चा चोरी छुपे ही क्यों न हो होती जरुर है । मैं जरा खुले आम कर रही हूँ । इस चोथे इस्ताम्भ कि चारों दीवारों पर जैसे बाज़ार , पूँजी , सत्ता और एक अनकहे स्वार्थ के दरवाजे लगे है जो इन्हें खोल लेता है वो अन्दर जा सकता है और जिसके पास ऐसी चाबियाँ नही है उसके लिए मीडिया किसी जंतर मंतर या भूल भूलैया सरीखा ही है । एक रण ये भी है जो पत्रकारिता को पैत्रेकारिता के रूप में अपनाने पर मजबूर कर देता है । चलने से पहले ही गिरने का एहसास पैरों कि सारी ताकत को भस्म कर देता है । 'क्या करेंगी मीडिया में आकर दुनिया बदल लेंगी या समाज ? ऐसी मेरी हसरत कहाँ जनाब मैं तो खुद ही को बदलूंगी ।' अख़बारों में तमाम ख़बरें और इश्तिहार छपते है लेकिन किसी चैनल या पुब्लिकतिओन में भर्तियाँ हो रही है ये सुचना आपको मीडिया के किसी माध्यम में बमुश्किल ही मिलेगी । यहाँ सूत्र, सौर्स और संबंधों के आधार पर आपकी सेवाए तय की जाती है । फिर खुदी को भुलाकर खुद को बुलंद करने की जो रस शुरू होती है वो भी रण है । व्यवस्था की आलोचना करने वाला मीडिया खुद किस हद तक अव्यवस्थित है इसका तकाजा एडिटर्स गिल्ड से ज्यादा उन तमाम लोगों को होता है जो हर रोज अपना किया धरा पोथी पत्र हाथ में लेकर निकलते है और दफ्तार्रों के दरवाजे से एक प्रश्नचिन्ह साथ लेकर लौट आते है

कोई टिप्पणी नहीं: