सोमवार, 22 फ़रवरी 2010

रास्तों का फर्क





सफ़र में सभी है हम
किसी को हाई वे ही मिल गया है पहले कदम पर 
कोई सड़क पर चल रहा है 
और 
किसी को पगडंडियों पर से गुजरना है 
मंजिल के लिए  

5 टिप्‍पणियां:

देवेश प्रताप ने कहा…

जवाब नहीं ....बहुत गहरी बात कह दिया आपने इस रचना में

Amitraghat ने कहा…

"सार्थक रचना.."
प्रणव सक्सैना amitraghat.blogspot.com

संजय भास्कर ने कहा…

बहुत ही सुन्‍दर प्रस्‍तुति ।

Mithilesh dubey ने कहा…

बहुत सुन्दर

निखिल आनन्द गिरि ने कहा…

dekhiye, hum bhi aa gaye......cafe se comment kiya isiliye angrezi mei kiya.......ab aaane ki koshish bani rahegi.....