मंगलवार, 14 अक्तूबर 2008

सपनो का सच


सपने


सपने वो जो हमारी सोच को तस्वीर देते है


सपने वो जो कभी कभी भाग्य से अलग हमें


एक नई तस्वीर देते है


लेकिन


सपनो के सच होने से पहले भी


सपनो का एक सच होता है


सच ये कि


एक रात को नींद में सपना आता है


और अगली रात को येही सपना नींद नही आने देता

4 टिप्‍पणियां:

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) ने कहा…

कल 04/10/2011 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
धन्यवाद!

S.M.HABIB (Sanjay Mishra 'Habib') ने कहा…

क्या बात कही आपने... सुन्दर...
सादर..

नूतन .. ने कहा…

बेहतरीन प्रस्‍तुति ।

श्रीप्रकाश डिमरी /Sriprakash Dimri ने कहा…

बहुत खूब .... सचमुच कभी सपने जब हमारे लक्ष्य बन जाते हैं तो नींद नहीं आने देते ...शुभ कामनाएं एवं हार्दिक आभार !!