शुक्रवार, 4 दिसंबर 2009

हाल

गमें जिंदगी अब गंवारा नही होता

गरजते बादलों सी उम्मीदों से अब गुजारा नही होता

3 टिप्‍पणियां:

विनोद कुमार पांडेय ने कहा…

कुछ करते रहना ही जिंदगी जीने का उदाहरण है बस बैठ कर बातें करने में कुछ नही रखा है..बढ़िया प्रस्तुति

aarya ने कहा…

तुम्हारे साथ रहना गवारा कर लिया होता
जो तुमने बेवफाई से किनारा कर लिया होता
रत्नेश त्रिपाठी

Udan Tashtari ने कहा…

अच्छी प्रस्तुति!