गुरुवार, 14 मार्च 2013

11 मिनट और बेइंतहा मोहब्बत के अनंत पल

“प्यार”
को जिंदगी में कितनी जगह दे पाई हूं, ये तो मैं खुद भी नहीं जानती। लेकिन बातों में प्यार का मुद्दा अक्सर शामिल रहता है। एक दिन यूं ही जब प्यार बातों के बीच आया (ये भी कह सकती हूं कि प्यार के बीच में बातों को लाया गया) ,,,,, तब एक किताब का नाम सामने आया, “11 मिनट्स”।


दुनिया भर में मशहूर ब्राजील के लेखक पाओलो कोहेलो की सच्ची घटना पर लिखी गई एक किताब।
अल्केमिस्ट को पढ़ने के बाद पाओलो कोहेलो की शैली से ठीक-ठाक जान-पहचान हो गई थी। फिर भी इस किताब को सुनते ही, ढूंढने, खरीदने और जल्द से जल्द पूरा करने की वजह थी, वो एक लाइन जो इस किताब का जिक्र करते हुए मुझे बताई गई-
“ये एक लड़की की कहानी है, जो वेश्या बन जाती है (साथ में परिस्थितिवश लिखना जरूरी नहीं लगा, क्योंकि शौक से शायद ही कोई लड़की वेश्या बनना चाहती होगी) लेकिन जिदंगी में कई लोगों से शारीरिक संबंध बनाने के बाद भी उसे वह सुख और संतुष्टि नहीं मिल पाती, जो एक चित्रकार से प्यार करके उसके बिना छुए मिल जाती है।“


सुनने में यह काफी दिलचस्प और रहस्यमयी लगता है और खास बात ये है कि पढ़ने के बाद भी यह कहानी उतनी ही दिलचस्प और रहस्यमयी है। इसमें एक लड़की मारिया का बचपन है। उसका पहला, दूसरा, तीसरा, चौथा और ....... वां प्यार है। उसके सपने हैं। उसकी एडवेंचर की दुनिया है। उसकी किताबें हैं। उसकी डायरी है। उसका अकेलापन है और फिर एक ऐसा सफर है, जिसमें उसे वेश्या बनना पड़ता है। इसी सफर में आने वाले उतार-चढ़ाव और ज्वार भाटे को मारिया अपनी डायरी में दर्ज करती है। उसी डायरी से कुछ बातें ---


“सबसे दिलचस्प लोग आखिरकार साथ छोड़ ही जाते हैं।“

“प्यार एक खतरनाक वस्तु का नाम है।“

“इलाज, दर्द से भी अधिक पीड़ादायक है।“

“जब हम किसी से मिलते हैं और उसे चाहने लगते हैं, तो लगता है जैसे सारी कायनात हमारे साथ है। आज सूरज डूबते वक्त मैंने ऐसा ही कुछ देखा।
और अगर कहीं कुछ गड़बड़ हो जाए तो फिर कुछ भी बाकी नहीं रहता। न कोई पंछी, न दूर से आती संगीत की आवाज और न ही उसके होंठों का स्वाद। ऐसा कैसे संभव है कि जो खूबसूरती कुछ पल पहले थी, अचानक गायब हो जाए... “

“हर चीज मुझे यह अहसास दिला रही है कि जो निर्णय मैं लेने जा रही हूं वह सही नहीं है, लेकिन गलतियां करना तो जिंदगी का हिस्सा है। यह दुनिया पता नहीं मुझसे क्या चाहती है। क्या यह चाहती है कि मैं कोई जोखिम न उठाऊं और वहीं लौट जाऊं, जहां से आई हूं केवल इसलिए कि जिंदगी को हां कह देने की मुझमे हिम्मत नहीं है।“

“मैंने जिंदगी में, उन चीजों को अस्वीकृत करने में बहुत समय गंवा दिया था, जिन्हें मैं हां कहना चाहती थी।“

‘’मैं तुमसे प्यार करता हूं’’ ...हालांकि यह शब्द उसने अपनी 22 बरस की उम्र में कई बार सुने थे, और उसे लगता था कि इन शब्दों के पीछे सिर्फ खोखलापन है, क्योंकि इन शब्दों में उसे कभी गंभीरता या गहराई का आभास नहीं हुआ, ये शब्द कभी किसी अटूट रिश्ते में नही बदले।“

“सभी को एक जैसी चीजों की तलाश थी।“

“वो नियति की शिकार नहीं थी, वो अपने आप से यही कहती रही, वो अपने जोखिम खुद उठा रही थी, अपनी हद से गुजर रही थी। ऐसी चीजों का अनुभव कर रही थी, जिन्हें किसी रोज, अपने मन की खामोशी में बुढ़ापे की उकताहट के समय वो भावुक होकर याद कर लिया करेगी-बात इस समय चाहे कितनी भी बेहूदा लग रही हो।“

“क्या स्कूल में सिखाई गई बातों से दुनिया इतनी अलग थी।“

“कुछ लोग जिंदगी का सामना अकेले ही करने के लिए जन्म लेते हैं और इसमें अच्छाई और बुराई जैसी कोई बात नहीं है, यह तो बस जिदंगी है। मारिया ऐसे ही लोगों में से एक थी।“

“जिदंगी उसे सिखा रही थी बहुत तेजी से, कि सिर्फ ताकतवर ही जिंदा रहते हैं। ताकतवर होने के लिए उसे श्रेष्ठ बनना पड़ेगा, दूसरा कोई विकल्प नहीं था।“

“सभ्यता के साथ कुछ तो बहुत बड़ी गड़बड़ थी। यह अमेजन के वर्षा वनों का विनाश या ओजोन परत या पांडा, सिगरेट, घातक खाद्य पदार्थ या जल के हालातों की बात नहीं थी, इन विषयों को तो अखबार उठाते थे।“

“मनुष्य पानी के बिना एक सप्ताह रह सकता है, खाने के बिना दो सप्ताह और घर के बिना तो शायद बरसों, मगर अकेलेपन के साथ नहीं, यह सबसे भयानक यंत्रणा है, सबसे बुरी तकलीफ।“

“प्यार के प्रलोभन से बचने के लिए उसने अपना दिल अपनी डायरी के नाम कर दिया।“

“प्यार किसी प्रकार की स्वेच्छा से स्वीकार की गई दासता है। पर यह सच नहीं है। स्वतंत्रता का अस्तित्व तभी है, जब प्यार की उपस्थिति हो। जो व्यक्ति को खुद को पूरी तरह दे देता है, जिसे सम्पूर्ण स्वतंत्रता का अहसास होता है, वही व्यक्ति भरपूर प्यार दे सकता है।“

“एक ऐसे मर्द की तलाश जो मुझे समझ तो सकेगा, लेकिन मुझे तकलीफ नहीं देगा।“

“मुझे बेहद तकलीफ हुई थी जब एक-एक करके मैंने उन मर्दों को खो दिया, जिन्हें मैंने प्यार किया था। अब हालांकि मुझे यकीन हो गया था कि कोई किसी को नहीं खोता क्योंकि कोई किसी का स्वामी नहीं होता।

स्वतंत्रता का यही सच्चा अनुभव है- संसार की सबसे महत्वपूर्ण वस्तु का अपने पास होते हुए भी उसका मालिक न होना।“

“वो जो करती उसका उचित कारण देने की कोशिश करती, वो उस समय हिम्मत करने का बहाना करती जब वो कमजोर होती थी या जब हिम्मत से भरी होती तो कमजोर दिखने का प्रयत्न करती थी।“

मारिया अपने बारे में रैल्फ(चित्रकार) को बताते हुए
“मैं दरअसल एक नहीं, तीन हूं, सच कह रही हूं-यह इस बात पर निर्भर करता है कि मैं किसके साथ हूं। एक तो मासूम लड़की है, जो मर्दों की शौर्य गाथाओं को सुनकर मंत्रमुग्ध हो उन्हें सराहनीय नजरों से देखने का बहाना करती है। फिर दूसरी एक कातिल हसीना, जो किसी को जरा भी असुरक्षित पाती है तो उस पर झपट पड़ती है और ऐसा करते ही वो स्थिति का नियंत्रण करने के साथ सामने वाले को उत्तरदायित्व से मुक्त कर देती है, क्योंकि फिर उन्हें किसी बात की चिंता करने की आवश्यकता ही नहीं रहती। और आखिरकार मैं एक समझदार मां हूं, जो दूसरों की जरूरत के मुताबिक उन्हें राय देती है, जो सब कहानियों को तन्मयता से सुनती है और उन्हें एक कान से सुनकर दूसरे से बाहर निकाल देती है। इन तीनों में से तुम किससे मिलना चाहोगे.. “
“तुमसे“

“मैं यह मानना चाहूंगी कि मुझे प्यार हो गया है। एक ऐसे व्यक्ति के साथ जिसे मैं नहीं जानती और जो कभी मेरी योजनाओं का हिस्सा नहीं था। आत्मनियंत्रण और प्यार से दूर भागते रहने के इतने महीनों बाद भी मुझे बिल्कुल विपरीत परिणाम मिला, मुझसे थोड़ा अलग सा व्यवहार करने वाले पहले व्यक्ति पर मैंने अपना दिल लुटा दिया।“

“यह दुनिया जिस तरह की है उसमें एक प्रसन्नता भरा दिन, एक चमत्कार ही तो है।“

रैल्फ ने जब मारिया से कहा-
“मैं तुम्हें हर उस रूप में चाहता हूं जिसमें तुम चाहती हो कि मैं तुम्हें चाहूं।“
तब मारिया की डायरी से
“नहीं वो ऐसा नहीं कह सकता, क्योंकि ठीक यही बात तो वो सुनना चाहती थी। वो भूकंप, वो ज्वालामुखी, वो तूफान लौट आए। उसे अपने ही जाल से निकल पाना असंभव प्रतीत होने लगा था, वो इस आदमी को वास्तव में पाने से पहले ही खो देने वाली थी।“

मारिया, रैल्फ को उपहार देते हुए
“तुम्हारे पसंद की कोई खरीदकर तुम्हें देने की जगह, मैं तुम्हें वो वस्तु दे रही हूं जो मेरी है, सचमुच मेरी। उपहार।“
उपहार देना। अपना कुछ किसी को देना। मांगने के स्थान पर कुछ ऐसा देना जो अपने लिए महत्वपूर्ण हो। तुम्हारे पास मेरा खजाना है, वो पेन जिससे मैंने अपने कुछ सपनों को कागज पर उतारा। मेरे पास तुम्हारा खजाना है, रेलगाड़ी का डिब्बा, तुम्हारे उस बचपन का हिस्सा, जिसे तुम जी नहीं पाए।
मेरे साथ तुम्हारे अतीत का हिस्सा है और तुम्हारे पास मेरा एक छोटा सा उपहार कितनी सुंदर बात है न।“

“मैं जान गई हूं कि प्रतीक्षा करना बहुत कठिन होता है और मैं इस अहसास की आदत डालना चाहती हूं, यह जानते हुए कि तुम मेरे साथ तब भी हो जब तुम मेरे साथ नहीं हो।“

“गहरी इच्छा और सच्ची इच्छा है किसी के पास होने की इच्छा। पर इसके आगे सब बदल जाता है. मर्द और औरत सामने आ जाते हैं पर इससे पहले क्या होता है-जो आकर्षण दोनों को पास लेकर आया-उसे समझा पाना असंभव है, वर्तमान स्थिति में वो एक अनछुई इच्छा है।जब इच्छा अपनी इस शुद्ध अवस्था में होती है, तब औरत और मर्द को जिदंगी से प्यार हो जाता है। वो हर पल, श्रद्धापूर्वक सचेत रहकर जीते हैं और सदैव अगले पल के आर्शीवाद का उत्सव मनाते हैं।“

“सबसे महत्वपूर्ण अनुभव किसी व्यक्ति के लिए वो होता है जो उसे उसकी हद तक ले जाए। इसी एकमात्र तरीके से हम सीखते हैं, क्योंकि इसके लिए हमें अपनी सारी हिम्मत जुटानी पड़ती है।“



“मैं एक ही शरीर में दो औरते हूं-
एक जो उन सारी खुशियों, जुनूनों और साहसिक अनुभवों को जी लेना चाहती है, जो जिंदगी मुझे दे सकती है। दूसरी औरत नित्य के नियमों, पारिवारिक जीवन और उन चीजों की जिन्हें योजना के साथ पाया जा सकता है, सबकी गुलामी करना चाहती है।
इन दो औरतों का मिलन, गंभीर खतरों से भरा एक खेल है।“

“कुछ तकलीफें ऐसी होती हैं, जिन्हें तभी भुलाया जा सकता है जब हम अपने दर्द से ऊपर उठने मैं सफल हो सकें।“

क्या एक सिपाही युद्ध में दुश्मन को मारने जाता है?
“नहीं, वह जाता है अपने देश पर मर मिटने के लिए।

क्या एक पत्नी अपने पति को यह दिखाना चाहती है कि वो कितनी खुश है?
नहीं, वो चाहती है कि उसका पति देख सके कि वो कितनी समर्पित है. उसे खुश रखने के लिए वो कितनी तकलीफें उठा रही है।

क्या एक पति काम पर इसलिए जाता है कि वहां उसे निजी पूर्णता मिल जाएगी?
नहीं, वो अपना खून पसीना अपने परिवार की भलाई के लिए बहाता है।

यह सिलसिला ऐसे ही चलता रहता है। कुछ लोग अपने मां-बाप की खुशी के लिए अपने सपने भुला देते हैं, मां-बाप, बच्चों को खुशहाल रखने के लिए अपना जीवन लगा देते हैं। दर्द और तकलीफ का उपयोग केवल एक वस्तु को सत्य ठहराने के लिए होता है,
जिससे हमें केवल आनंद ही मिलना चाहिए-प्रेम।


“कुछ चीजें बांटी नहीं जा सकती। ना ही हमें उन सागरों से भय लग सकता है, जिनमें हम अपनी स्वेच्छा से डूबना चाहें, डर हर किसी की शैली को संकुचित कर देता है, यह समझने के लिए मनुष्य न जाने कितने नरक झेलता है। एक दूसरे से प्यार तो करें, परंतु हम एक दूसरे को पाने की कोशिश कभी न करें। “

“पैसा एक विशेष कागज का टुकडा, रंग-बिरंगी आकृतियों से सजा हुआ। सबके अनुसार जिसकी कोई न कोई कीमत थी। वह इस बात को मानती, सब मानते थे। जब तक कि आप ऐसे ही कागज के टुकड़ों का बड़ा सा ढेर लेकर किसी सम्मानित, परंपरागत, बहुत ही गोपनीय स्विस बैंक मैं जाकर कहें, क्या मैं इनसे अपने जीवन के कुछ क्षण वापस खरीद सकती हूं,
नहीं मैडम हम बेचते नहीं, केवल खरीदते हैं।“

“शायद यही कारण था कि वे एक-दूसरे से प्यार करते थे क्योंकि वे जानते थे कि उन्हें एक दूसरे की आवश्यकता नहीं है।“

“आदमी हमेशा डर जाते हैं जब औरत कहती है, मुझे तुम्हारी जरूरत है।“

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4 टिप्‍पणियां:

बेनामी ने कहा…

I also hаvе stгuggled uѕing this type of iѕsue, I often tіmes usе cambogia dealing with it.
Nevertheleѕѕ , Υou find a ωау tο
haѵe it down especiallу considering
you have beеn the a peгѕοn who ωrote Bloggеr:
अभिव्यक्ति
, best wiѕhes!

vandana gupta ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा शनिवार (16-3-2013) के चर्चा मंच पर भी है ।
सूचनार्थ!

Kailash Sharma ने कहा…

एक उत्कृष्ट उपन्यास है...वैसे पाओलो कोहेलो के सभी उपन्यास लाज़वाब और गहन चिंतन से परिपूर्ण हैं...

Dr.Ashutosh Mishra "Ashu" ने कहा…

गहन चिंतन..