जाने क्यों मुझे ऐसा लगता है की
हम सब अपनी जिंदगी की थर्ड क्लास कहानी को
फर्स्ट क्लास एंडिंग देने के लिए
सारे सेकंड क्लास काम किये जा रहे है
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ऐसे काम जो शायद हमें नही करने चाहिए या जो हम खुद भी करना नही चाहते
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4 टिप्पणियां:
"बस... किये जा रहे है"
bahut khub
shekhar kumawat
http://kavyawani.blogspot.com/
सही कहा!
बहुत गहरी बात कही है आपने.. ज़िन्दगी का दर्शन दे दिया इस छोटी सी पोस्ट में..
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